मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर पहुंचे। सड़क मार्ग से होते हुए वाल्मीकि आश्रम पहुंचे और पूजा-अर्चना की। महर्षि वाल्मीकि में हुई थी महाकाव्य रामायण की रचना महाकाव्य रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की विरासत को संरक्षित करने और उनसे जुड़े पौराणिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। मान्यता है कि इसी आश्रम में महाकाव्य रामायण की रचना हुई और माता सीता को आश्रय मिला था। यहीं भगवान श्रीराम के पुत्रों लव-कुश का जन्म हुआ। पर्यटन विभाग का महर्षि वाल्मीकि से जुड़े धार्मिक स्थलों के कायाकल्प और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं जुटाने पर जोर है।