बिधनू क्षेत्र में हुए बस हादसे के बाद चालक के फरार होने की बात कही जा रही थी, लेकिन परिजनों को शुरू से ही आशंका थी कि चालक हादसे का शिकार हो चुका है। इसी उम्मीद और चिंता के बीच मृतक के बेटे लगातार दो दिनों तक नहर किनारे पिता की तलाश करते रहे। परिजनों के मुताबिक घटनास्थल से लेकर साढ़ क्षेत्र तक नहर के किनारे-किनारे पैदल चलकर तलाश की गई। करीब 56 घंटे बाद शनिवार शाम दरगाहीलाल पुल के पास नहर में एक शव बहता दिखाई दिया। शव देखते ही मृतक के दोनों बेटे मौके पर ही नहर में कूद पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बेटों ने पिता का हाथ पकड़कर शव को धीरे-धीरे किनारे तक खींचकर बाहर निकाला। मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। इस दौरान परिजनों में बिधनू पुलिस के खिलाफ नाराजगी भी दिखाई दी।