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कानपुर: चोक नाले के कारण बारिश में गिरे कच्चे-पक्के 15 मकान, 25 लोग घायल

जाजमऊ स्थित रैदास नई बस्ती में मंगलवार दोपहर हुई दो घंटे की बारिश से चोक नाले के कारण इस कदर जलभराव हो गया कि पानी घरों के भीतर तक जा घुसा। इसके बाद देखते ही देखते करीब 15 कच्चे-पक्के मकान भरभरा कर गिर पड़े। बस्ती में चीख-पुकार मच गई। करीब 15 लोग मकान के मलबे में दब गए। जिन्हें इलाकाई लोगों ने निकालना शुरू किया। घरों के भीतर से लेकर बाहर गलियों तक सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा था। लोगों की गृहस्थी मलबे में दबकर बर्बाद हो गई। हादसे में 20-25 लोग घायल हुए हैं। उन्हें नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाकाई लोगों का आरोप है कि नगर निगम के नाले की सफाई न होने से मामूली सी बारिश में जलभराव की स्थिति बन जाती है। कोई अधिकारी और जनप्रतिनिधि बस्ती की ओर ध्यान नहीं देता है। मंगलवार दोपहर तीन बजे शुरू हुई बारिश शाम लगभग पांच बजे बंद हुई। दो घंटे की इस बारिश के कारण बस्ती की गलियों से लेकर घरों के भीतर करीब तीन से चार फीट तक पानी भर गया था। शाम पांच बजे के आसपास कुछ घरों की दीवारें नमी के चलते गिरना शुरू हुई तो कई लोग खतरे को भांप कर घरों से बाहर निकल आए। इसके कुछ देर बाद ही बस्ती में मकानों का गिरना शुरू हो गया। एक घंटे के भीतर देखते ही देखते बस्ती निवासी शानू, बच्चू , नूर मोहम्मद, मो. अली, खुशनुमा बानो व किस्मत अली आदि के कच्चे और पक्के मकानों ने मलबे की शक्ल ले ली। उसमें दबे लोगों की चीखों से बस्ती की गलियां गूंज उठी। इलाकाई लोगों ने किसी तरह मलबे में दबे उमैरा, नसीम जहां, राशिद, खुर्शीदा, चांद, शहजाद, माजिद व सावन कुमार आदि को बाहर निकाला। किसी के हाथ-पैर में चोट थी तो किसी का सिर लहूलुहान था। इनके अलावा बिंदेश्वरी, शानू पत्नी नरगिस और आयतन आदि लोग घायल हुए हैं। हादसे की जानकारी मिलती ही बस्ती की बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई। इससे घुटनों से ऊपर तक भरे पानी के बीच मलबे से लोगों को निकालना और भी कठिन हो रहा था। कुछ देर बाद दमकल और नगर की टीमें भी मौके पर पहुंची और अंधेरे के बीच ही घायलों को प्राइवेट अस्पताल भेजे जाने का सिलसिला शुरू किया गया। जलभराव के कारण घायलों को गोद और कंधे में उठाकर लोग किसी तरह गाड़ियों तक पहुंचाते रहे। देर रात तक जलभराव के बीच गलियों में खड़े बच्चे और महिलाएं रोती-बिलखती रही। उनकी आंखों के सामने किसी की गृहस्थी मलबे में दबी थी तो किसी की पानी में तैर रही थी। थाना पुलिस के साथ मौके पर अपनी टीम के साथ मौजूद मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया कि देर रात तक घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम जारी रहा।

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