कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. युवराज गुलाटी ने बताया कि किशोरों में भी गुर्दे से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती लक्षण पता न चलने के कारण लोग इस बीमारी को समझ नहीं पाते, जिससे इलाज में देरी होती है। डॉ. गुलाटी ने जोर देकर कहा कि अगर बीमारी का पता शुरुआत में ही चल जाए, तो गुर्दे को पूरी तरह से खराब होने से बचाया जा सकता है।