रामसारी की चीनी मिल बंद हो जाने के बाद भीतरगांव इलाके से गन्ने की फसल करने वाले किसान एकदम न के बराबर हो गए। इसके चलते गांव-गांव के गुड़ कोल्हू भी बंद हो गए। तकरीबन तीन दशक पहले तक गांव-गांव दिसंबर के महीने में गुड़ बनने वाले कोल्हू संचालित हो जाते थे लेकिन अब वर्तमान में इंजन कोल्हू सभी बंद पड़े हैं।