शहर व इसके आसपास पूर्व में विंध्य की ऊंची-ऊंची पहाड़ियां थीं, लेकिन अवैध खनन के चलते न केवल उनसे पत्थर निकाला बल्कि मोरंग निकालकर पहाड़ियों का अस्तित्व खत्म कर कॉलोनियां बसा दीं। न तो प्रशासन कुछ कर सका और न ही खनिज विभाग। इससे नियम कायदों की धज्जियां उड़ीं और पर्यावरण को भी खतरा पैदा हुआ। राजस्थान में इन दिनों अरावली की पहाड़ियों का अस्तित्व बचाने के लिए आंदोलन चल रहा है। इधर, बुंदेलखंड क्षेत्र में विंध्य पहाड़ी शृंखला को खनन व भू-माफिया खत्म करने पर तुले हैं। अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शहर के बाहर तो छोड़िए नगर निगम सीमा में भी बेखौफ होकर अवैध रूप से पत्थर काटकर कॉलोनियां बसाई जा रही हैं। झांसी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ठीक सामने करीब 500 फीट ऊंची कैमाशन की पहाड़ी को काटकर लोगों ने मकान बना लिए। हैरानी की बात है कि यहां रैनबसेरा भी बना दिया। कई नर्सिंग होम और जिम संचालित हैं। जबकि यहां नगर निगम ने अतिक्रमण न करने की हिदायत का नोटिस बोर्ड लगा रखा है।