ब्लाक के सहायक विकाश अधिकारी कार्यालय में बनाये गये पुर्नमतगणना केन्द्र में मंगलवार को एडीजे प्रथम न्यायालय के निर्देश पर मतों की गिनती की गयी। जिसमें पूर्व में विजयी रही सरिता 228 मत पाकर पुनः एक वोट से विजयी रही। वहीं कोर्ट में याचिका दायर करने वाली उनकी प्रतिद्वन्दी नीतू सिंह को 227 मत मिले। इस दौरान ब्लाक परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे। मतों की गिनती सुबह 10 बजे के बाद शुरू की गयी। और दोपहर के 12 बजकर 30 मिनट तक गिनती पूरी कर ली गयी। पुनर्मतगणना को सम्पन्न कराने में उपजिलाधिकारी सदर संतबीर सिंह प्रभारी अधिकारी मतगणना और जलालपुर बीडीओ को सहायक प्रभारी अधिकारी मतगणना बनाया गया था। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से सीओ केराकत सहित जलालपुर और जफराबाद थाने की भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही। पुर्नमतगणना से संतुष्ट नही है नीतू सिंह के अभिभावक, जायेगें पुनः कोर्ट मतगणना केन्द्र पर मतों की रिकाउन्टिग करा रहे नीतू सिंह के श्वसुर कमला प्रसाद सिंह मतों की गिनती कराने पर लगे अधिकारियों की गिनती प्रणाली से असन्तुष्ट दिखे। उन्होने कहा कि कोर्ट का बाकायदा निर्देश है कि बूथ संख्या 20,21,22, में पड़े मतों की पूर्नमतगणना की जाये। लेकिन अधिकारियों द्वारा 22 बूथ संख्या में पड़ने वाले पेटी संख्या 7 तक की गणना की गयी। पेटी संख्या 8 की गणना नही की गयी। इसी बात को लेकर वह पूर्व में न्यायालय की शरण में गये थे। 44 महीना 80 तारीख, फिर भी मामला जस का तस जुलाई 2021 में वार्ड संख्या 54 कुद्दूपुर की रिकाउन्टिंग के लिये न्यायालय की शरण में गये नीतू सिंह के श्वसुर ने बताया कि फाइलों और अधिकारियों के तलब से लेकर आदेश तक कुल 44 माह का एक लम्बा समय बीत गया इस दौरान कुल लगभग 80 तारीखें भी पड़ीं , लेकिन पुनः उसी प्रक्रिया से पुनर्मतगणना कराई गयी। मामला जो चार साल पहले था वही आज भी है। क्या बोले जिम्मेदार। इस सम्बन्ध में बात करने के लिये एस डी एम सदर को फोन लगाने पर उनका फोन नही रिसीव हुआ वहीं सहायक प्रभारी अधिकारी मतगणना बीडीओ जलालपुर जगदीश कुमार ने बताया कि उनके हांथ में कुछ प्राब्लम थी, मतगणना एसडीएम साहब के देखरेख में हो रहा था इस मामले में वहीं बता पाएंगे।