अखिल भारतीय खेत और ग्रामीण मजदूर सभा के सदस्यों ने राष्ट्रपति को संबोधित पत्रक जिलाधिकारी शैलेश कुमार सौंपा। पत्रक के माध्यम से मनरेगा कानून में संशोधन और किसानों और मजदूरों की समस्याओं के समाधान की मांग की। संगठन जिला सचिव ज्वाला प्रसाद ने कहा कि सरकार ने जीरामजी योजना बनाकर गरीबों के 100 दिन के अधिकार को खत्म कर दिया है। इससे ग्रामीण गरीबों के आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसलिए मनरेगा को दोबारा बहाल किया जाना आवश्यक है। इसके अलावा पहली अप्रैल 2026 से लागू चारों श्रम कोड को निरस्त किया जाए। वहीं कुशल, अकुशल और अति कुशल श्रमिकों के लिए तय वेतनमान तय किए जाए, नोएडा के हजारों मजदूरों को न्याय दिया जाए, बिजली निजीकरण बंद हो और धरना प्रदर्शन पर रोक के लिए विपक्षी नेताओं को किए जा रहे हाउस अरेस्ट जैसी चीजों पर रोक लगाई जाए साथ ही बढ़े हुए गैस के दामों को तत्काल वापस लिया जाए। बताया कि अगर मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो संगठन आंदोलन को बाध्य होगा। इस दौरान जिला सचिव ज्वाला प्रसाद, रंजीत कुमार, ऊषा, मीरा, सरोजा, शिव बहादुर, चंचल एड. आदि रहे।