गरीबों को सुरक्षित आशियाने देने के लिए 16 वर्ष पूर्व बसाई गई कांशीराम टाउनशिप आज खुद हादसे का इंतजार करती दिखाई देती है। जर्जर इमारतें, उखड़ा प्लास्टर, बाहर झांकतीं सरिया, गिरासू छज्जे, वर्षों से खराब बिजली व्यवस्था और गंदगी के बीच करीब छह हजार परिवार रोज मौत के साये में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि हालात इतने खराब हैं कि कई ब्लॉकों की सीढ़ियां और बालकनियां भी असुरक्षित हो चुकी हैं। शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे टीम ब्लॉक नंबर 51 पर पहुंची। रिपोर्टर कमल कुमार वार्ष्णेय की रिपोर्ट...