हापुड़। ऊर्जा निगम की ओटीएस के 10 दिन में सिर्फ 7.42 करोड़ की वसूली हुई है। इसका सात गुना राजस्व उपभोक्ताओं ने योजना में बिना पंजीकरण कराए बिल काउंटरों पर जमा किया है। 31 दिसंबर तक पहला चरण जारी रहेगा, इसके बाद ब्याज में छूट घट जाएगी।
तीनों डिवीजन के 1.60 लाख उपभोक्ताओं को बकाया बिलों पर सरचार्ज माफी के लिए 15 दिसंबर से ओटीएस लागू की गई थी। पहले चरण में 60 से 100 फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उपभोक्ताओं को मिलना है। लेकिन इसमें पंजीकरण की रफ्तार बेहद धीमी है। योजना के दस दिन बीत गए हैं, जिसमें सिर्फ 7.42 करोड़ की वसूली हो सकी है।
हापुड़ डिवीजन ने करीब 16 करोड़ की वसूली की है, जो उपभोक्ताओं ने योजना में बिना पंजीकरण कराए ही जमा कराए हैं। ओटीएस में कुल वसूली 1.69 करोड़ की है। तीनों डिवीजन में प्रतिदिन योजना के अंतर्गत एक करोड़ की वसूली भी नहीं हो पा रही है। ओटीएस में कुल तीन चरण चलाए जाने हैं, जिसमें सरचार्ज में माफी चरण दर चरण घटेगी।
तीनों डिवीजन में ओटीएस के तहत वसूली-
डिवीजन पंजीकृत उपभोक्ता वसूली
गढ़मुक्तेश्वर 2041 1.99 करोड़
हापुड़ 2997 1.69 करोड़
पिलखुवा 2687 3.73 करोड़
30 फीसदी उपभोक्ताओं पर अधिक देनदारी
ओटीएस में 70 फीसदी उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनके बिलों में सरचार्ज अधिकतम 500 रुपये तक ही लगा है। ऐसे उपभोक्ता योजना में पंजीकरण करे बिना ही बिल जमा कर रहे हैं। जबकि 30 फीसदी उपभोक्ताओं पर अधिक ध्यान है, जिनका पंजीकरण प्राथमिकता से कराया जा रहा है।
कोट -ओटीएस योजना के पहले चरण में सरचार्ज में सबसे अधिक माफी मिलेगी। राजस्व वसूली को लेकर अभियान जारी है, जिसमें संतोषजनक राजस्व मिल रहा है। ओटीएस में भी पंजीकरण बढ़ रहे हैं। - एसके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता।