गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के तहत बुधवार की शाम धानेपुर पहुंचे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मंदिर में न तो चोरी हुई और न ही डकैती, बल्कि यह पूरी तरह कलाकारी है। उनका दावा था कि इस काम के लिए पहले से लोगों को बैठाया गया था और उन्होंने वही किया, जिसके लिए उन्हें लगाया गया था। चंपत राय को बचाए जाने से जुड़े सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि चंपत राय वफादार हैं। ऐसा आदमी कहां मिलेगा, जिससे जो चाहो करवा लो। इसलिए उन्हें बचाया जा रहा है। इससे पहले मुजेहना क्षेत्र के माधवगंज स्थित चंद्रशेखर शुक्ल बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित सभा में शंकराचार्य ने गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के उद्देश्य पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए वह प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चला रहे हैं और अब तक 30 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण कर चुके हैं। उन्होंने लोगों से 2027 के विधानसभा चुनाव में गोसंरक्षण के मुद्दे को प्रमुख आधार बनाने का आह्वान किया।