रक्तदान केवल किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का माध्यम ही नहीं, बल्कि स्वयं के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। नियमित रक्तदान से रक्त संचार बेहतर होता है, शरीर में नए रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है और ब्लड प्रेशर व हृदयाघात (हार्ट अटैक) जैसी समस्याओं का जोखिम कम करने में भी मदद मिल सकती है। यह जानकारी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम.डब्ल्यू. खान ने दी। उन्होंने कहा कि समाज में अभी भी रक्तदान को लेकर कई भ्रांतियां हैं, जबकि वैज्ञानिक दृष्टि से रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है। स्वस्थ व्यक्ति के रक्तदान करने से उसके शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि शरीर नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण कर खुद को पुनर्जीवित करता है। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. चेतन पारासर ने बताया कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, प्रसव और ऑपरेशन के दौरान मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान ही उनकी जिंदगी बचाने का सबसे बड़ा सहारा बनता है। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है, क्योंकि रक्त को विभिन्न घटकों में विभाजित कर अलग-अलग मरीजों को दिया जाता है। चिकित्सकों ने लोगों से आह्वान किया कि वे आगे आएं और अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा 14 जून को आयोजित मेगा रक्तदान शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उनका कहना है कि रक्तदान एक ऐसा महादान है, जो किसी अनजान व्यक्ति को जीवन दे सकता है और दानदाता को आत्मसंतोष के साथ बेहतर स्वास्थ्य का लाभ भी प्रदान करता है। "रक्तदान करें, जीवन बचाएं और स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।"