यूपी के गोंडा में जिला महिला अस्पताल परिसर शुक्रवार को आशा बहुओं और नर्सिंग कर्मियों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद देखते ही देखते उग्र हो गया। तकरार इतनी बढ़ी कि नर्सिंग स्टाफ ने कार्य बहिष्कार कर दिया। इससे करीब चार घंटे तक अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं। सुबह करीब 9 बजे नर्सिंग कर्मियों ने कामकाज ठप कर दिया। इसके चलते ओपीडी, एडमिशन काउंटर और पर्चा काउंटर बंद हो गए। इलाज के लिए आई गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं के परिजन और अन्य मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अस्पताल परिसर में अफरातफरी का माहौल बना रहा। नर्सिंग कर्मियों का आरोप था कि बिना किसी वैध कारण के आशा बहुएं अस्पताल परिसर में प्रवेश कर रही हैं। आए दिन विवाद की स्थिति उत्पन्न कर रही हैं। वहीं, आशा बहुओं का एक गुट अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा करता रहा। इससे तनाव और बढ़ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति संभालने का प्रयास किया। उन्होंने नर्सिंग कर्मियों की मांगों का समर्थन करते हुए अस्पताल परिसर में आशा बहुओं के अनाधिकृत प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही हंगामा करने वाली आशा बहुओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए एनएचएम के डीपीएम अमर नाथ और डीसीपीएम डॉ आरपी सिंह को तत्काल अस्पताल बुलाया गया। बताया जा रहा है कि विवाद की जड़ कुछ दिन पहले का एक मामला है। इसमें एक आशा बहू ने स्टाफ नर्स पर पैसे लेने का आरोप लगाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इसी वीडियो को लेकर नर्सिंग स्टाफ में नाराजगी थी। वे आशा बहुओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे थे। करीब दोपहर 1 बजे अधिकारियों के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद नर्सिंग कर्मियों ने कार्य बहिष्कार समाप्त किया, तब जाकर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल हो सकीं।