गाजीपुर की अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के बैनर तले जनपद की ऐतिहासिक रामलीला का मंचन जारी है।राम चबूतरा हरिशंकरी पर रायबरेली से आए कलाकारों ने मुनि आगमन, ताड़का वध और सीता राम मिलन का भावपूर्ण मंचन किया। मंचन के दौरान ताड़का वध का दृश्य देख रामभक्त जय श्रीराम के जयकारे लगाने लगे। कलाकारों ने मंचन के दौरान ऋषि-मुनि किस तरह रहे वन में असुरों के अत्याचार से परेशान थे को कलाकारों ने दिखाया। इसके बाद महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ से राम-लक्ष्मण को मांगने जाते हैं। राजा दशरथ बहुत अनमने ढंग से राम-लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ भेजते है। गुरु के साथ जंगल जाते समय राम अहिल्या का उद्धार करते हैं। रामलीला का यह मंचन देख भक्त भाव विभोर हो गए। राम-लक्ष्मण वन में असुरों का संहार करते हैं। ताड़का को मारकर महर्षि के यज्ञ की रक्षा करते हैं। ताड़का वध होते ही पंडाल में उपस्थित भक्त प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाते हैं। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इसके बाद कलाकारों ने फुलवारी में राम सीता मिलन का भावपूर्ण मंचन किया।