अर्नब चक्रवात का प्रभाव लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी जनपद में रहा। बीते दो दिनों की लगातार बूंदाबांदी व हवाओं के चलने के कारण किसानों की कमर टूट गई है। इसकी वजह से खेतों में खड़ी धान की करीब 35 फीसदी फसल खेतों में गिर गई है। जनपद में एक लाख 29 हजार 532 हेक्टेयर में धान की खेती होती है। उधर, जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि चक्रवात का प्रभाव समाप्त होने पर सर्वे करा कर फसलों के नुकसान का आकलन कराया जाएगा और उसकी शासन काे भेजी जाएगी।