तीन दिन पहले हिमस्खलन में शहीद हुए जवान का पार्थिव शरीर इनके गृहनगर एटा के कासोंन पहुंच गया। यहां उन्हें आखिरी विदाई देने के लिए पूरा गांव जमा हो गया। शहीद नीरेश की तैनाती लेह के ग्लेशियर दिराश में थी। तीन दिन पहले वहां हिमस्खलन हुआ जिसमें वो शहीद हो गए। रविवार सुबह उनका पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा दिया गया।