चंदौली में जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन के समीप प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना के विरोध में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को छठे दिन भी जारी रहा। जिले के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके लिए धरना स्थल पर भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी कर ली गई हैं। धरने में शामिल सदर ब्लॉक के हथियानी पीपरपतिया गांव निवासी किसान नंदलाल ने कहा कि प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे चंदौली के किसानों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा साबित होगा। उनका कहना था कि परियोजना केवल भूमि अधिग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र में बाढ़ का खतरा भी बढ़ जाएगा। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेस-वे का प्रस्तावित मार्ग चंद्रप्रभा, गड़ई गाड़ी और कर्मनाशा नदियों के किनारे से गुजर रहा है। ऐसे में बरसात के दौरान पानी की निकासी प्रभावित होने पर हजारों एकड़ फसल जलमग्न होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि चंदौली को प्रदेश का ''धान का कटोरा'' कहा जाता है और यहां की उपजाऊ कृषि भूमि किसानों की आजीविका का मुख्य आधार है। पीपरपतिया गांव के विनोद यादव ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की उपजाऊ जमीन पूंजीपतियों के हित में अधिग्रहित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे और आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।