करवा चौथ के पावन पर्व के दौरान महिलाएं व्रत और पूजा-पाठ की तैयारियों में व्यस्त रहीं। जिसके चलते अस्पतालों की ओपीडी और वार्डों में मरीजों की संख्या आमतौर पर काफी कम दर्ज हुई। जिला महिला अस्पताल में 146 मरीजों की जांच हुई। आम दिनों में यहां 300 से अधिक गर्भवती की जांच होती है।