बाराबंकी में अधिवक्ता संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में शुक्रवार को जिला बार एसोसिएशन के नेतृत्व में वकीलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कचहरी परिसर में धरना देने के बाद वकीलों ने फैजाबाद-लखनऊ हाईवे पर जुलूस निकालकर नारेबाजी की और विधेयक की प्रतियां जलाकर अपना आक्रोश जताया। अधिवक्ताओं ने विधेयक को वकीलों के अधिकारों के खिलाफ बताया और इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के बाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हिसाल बारी किदवई ने कहा कि यह विधेयक वकीलों के अधिकारों पर कुठाराघात है और इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के बाद जिला बार सभागार में एक बैठक आयोजित की गई, जिसका संचालन जिला बार महामंत्री अशोक वर्मा ने किया। बैठक में सैकड़ों जूनियर और सीनियर अधिवक्ताओं ने भाग लिया और बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा आहूत 25 फरवरी की हड़ताल को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने का निर्णय लिया। वकीलों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उचित कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में वकील शामिल रहे और उन्होंने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया।