मध्य प्रदेश में लगातार बारिश के बाद बुधवार को भी दोनों बांधों से करीब डेढ़ लाख क्यूसिक पानी केन नदी में डिस्चार्ज किया गया। इससे केन करीब डेढ़ मीटर और बढ़ गई। यमुना नदी भी खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है। इसका भी करीब एक मीटर जलस्तर बढ़ा है। दोनों नदियों के उफान से करीब 20 गांवों का आवागमन बंद हो गया है। प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है। लोग खतरे में अपनी जान डालकर नावों से नदी पार कर रहे हैं। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि वह हर पर बाढ़ पर नजर बनाए हुए हैं। उधर, कई गांवों के लोग अब बाढ़ की वजह से अपना डेरा समेट रहे हैं और सुरक्षित ठिकानों की ओर जा रहे हैं।