फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कतर्नियाघाट में हाथियों का तीन स्थानों पर उत्पात, बोर्ड परीक्षार्थियों को बदलना पड़ा रास्ता

यूपी के बहराइच में कतर्नियाघाट सेंक्चुरी में जंगली हाथियों की बढ़ती सक्रियता से ग्रामीणों और राहगीरों में दहशत का माहौल है। बुधवार को तीन अलग-अलग स्थानों पर हाथियों ने उत्पात मचाया। बिछिया–सुजौली मार्ग पर हमले में बाइक सवारों ने भाग कर जान बचाई वहीं निशानगाड़ा रेंज में हाथियों का झुंड आने से बोर्ड परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थियों को अपना रास्ता बदलना पड़ा। सुबह बिछिया–सुजौली मार्ग पर गिरिजापुरी पेट्रोल पंप के पास हथिनी अपने शावक के साथ सड़क पर उतर आई और बाइक सवारों पर हमला कर दिया। बाइक सवार सुजौली निवासी चुनक्का (45) पुत्र आशिक अली और बुद्धूपुरवा, मिहीपुरवा निवासी अब्दुल हलीम खान (65) ने बाइक वहीं छोड़कर जंगल की ओर भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। हाथी के सूंड के प्रहार से चुनक्का चोटिल हुए हैं, करीब आधे घंटे बाद वन विभाग के सर्च आपरेशन में वह सुरक्षित बाहर आए। हाथी के हमले से डेढ़ घंटे तक मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा। लोग आवागमन शुरू करने में डर रहे थे। मौके पर रेंजर आशीष गौंड, वन दरोगा राधेश्याम और वन रक्षक संतोष कुमार ने पहुंचकर मार्ग से आने जाने वालों को सजग किया। रेजर ने कहा कि निगरानी के लिए तीन टीमों को तैनात किया गया है। सुजौली थाने के एसआई अक्षयलाल, हीरालाल यादव और संजय गौड़ ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। रेंजर आशीष गौंड ने कहा, हाथियों की आवाजाही को देखते हुए ग्रामीणों और राहगीरों को सतर्क रहना चाहिए। किसी भी हाल में शावक के पास न जाएं और वन विभाग को तुरंत सूचना दें। निशानगाड़ा रेंज के नाबतोड़–मटेही–निशानगाड़ा कच्चे मार्ग पर करीब दो दर्जन हाथियों का झुंड बुधवार सुबह कई घंटों तक सड़क पर डटा रहा। इससे आवागमन बाधित हुआ और बोर्ड परीक्षा देने जा रहे छात्रों को वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ा। रेंजर निशानगाड़ा सुरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि वन दरोगा इशरार अहमद के नेतृत्व में गजमित्र और वन कर्मियों की टीम मौके पर तैनात है। मेगाफोन के जरिए लोगों को सतर्क किया जा रहा है। आंबा गांव के किसानों के खेतों में हाथियों ने बुधवार तड़के घुसकर फसलों को रौंद दिया। लगभग 40 बीघा गन्ने और गेहूं की फसल का नुकसान हुआ है। हमले से ग्रामीण परेशान हैं। वन विभाग ने यहां भी मौके पर निगरानी बढ़ा दी है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें