हिंदी भाषा में एक कहावत है 'पाल-पाल, मैं होउंगा तुझे काल'। यानी तुम मुझे पालो और मैं तुम्हारे लिए ही काल बनूंगा। यह कहावत रविवार की आधी रात करीब 1:30 बजे उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में चरितार्थ होते दिखी। यहां माता-पिता ने जिस बेटे को पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी ने उन्हें कुल्हाड़ी से काटकर मौत के घाट उतार दिया। सिर्फ माता-पिता ही नहीं दादी और बहन को भी काट डाला। बचाव में आए भाई पर हमला किया। वह भी गंभीर रूप से घायल हो गया। इस संघर्ष में हमलावर भाई भी घायल हुआ है। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमला को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर किया गया है। घटना रुपईडीहा थाना क्षेत्र के रामनगर गांव की है। गांव निवासी निरंकार ने अपनी दादी शीतला देवी (82), पिता बदलूराम (62), मां संजू देवी (60) तथा बहन पार्वती (35) को मौत के घाट उतार दिया। बचाव करने आए भाई गुरुदेव पर भी हमला किया। इससे वह घायल है। ग्रामीणों ने बताया कि परिवार में पिछले कुछ समय से तनाव की स्थिति बनी हुई थी। बंटवारे को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। हालांकि, पुलिस ने किसी भी अटकल से बचने की अपील की है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।