रामनगरी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। पांच सितंबर को भूटान के प्रधानमंत्री दासो शेरिंग टोबगे अयोध्या के दौरे पर आ रहे हैं। उनका यह दौरा धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे तीन सितंबर को भूटान से बिहार पहुंचेंगे और फिर पांच सितंबर की सुबह लगभग 9:30 बजे अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेंगे। करीब चार घंटे के प्रवास के दौरान वह भगवान श्रीरामलला, हनुमानगढ़ी और अयोध्या के प्रमुख मंदिरों के दर्शन-पूजन करेंगे। प्रधानमंत्री का स्वागत जिला प्रशासन की ओर से रेड कार्पेट पर किया जाएगा। इसके साथ ही उनके सम्मान में विशेष भोज का भी आयोजन किया गया है। इस स्वागत समारोह में जिले के प्रभारी मंत्री व प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री और कुछ केंद्रीय मंत्रियों के भी शामिल होने की संभावना है। दौरे की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने स्वयं रामजन्मभूमि परिसर और अन्य स्थलों का निरीक्षण किया और सुरक्षा इंतज़ामों की बारीकी से समीक्षा की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पीएम के दौरे के समय श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा भी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। इसी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और दर्शन व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। भूटान के प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि भारत और भूटान के आपसी रिश्तों को और प्रगाढ़ बनाने का भी प्रतीक है। दर्शन-पूजन के बाद भूटानी प्रधानमंत्री अयोध्या एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।