प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर 2023 को अयोध्या में मीरा मांझी के घर पहुंचकर चाय पी थी। उस समय यह मुलाकात देशभर में चर्चा का विषय बनी और मीरा मांझी का परिवार सुर्खियों में आया। हालांकि, करीब तीन साल बाद इसी परिवार की आर्थिक रस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परिवार का दावा है कि रोजगार से पर्याप्त आमदनी नहीं हो रही। कर्ज की किस्तें चुकाना मुश्किल है। तीन छोटे बच्चों के पालन-पोषण का संकट हो गया है। प्रधानमंत्री के दौरे से परिवार को जीवन में बदलाव की उम्मीद थी, लेकिन मीरा मांझी के मुताबिक, उनकी आर्थिक परेशानियां दूर नहीं हो सकीं। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि प्रधानमंत्री के घर आने के बाद उम्मीद जगी थी कि परिवार की आजीविका बेहतर होगी। वह पहले घाट पर फूल बेचकर परिवार का खर्च चलाती थीं, लेकिन अब यह काम बंद हो चुका है। मीरा मांझी ने अपनी परेशानी बयां करते हुए बताया कि घर का खर्च चलाने के लिए उन्होंने कई लोगों से पैसे उधार ले रखे हैं। पति बीमार रहते हैं। बैंक से लिए गए कर्ज की किस्तें जमा करने का भी दबाव है। उनका कहना है कि बैंक कर्मचारी बकाया रकम की वसूली के लिए हर दिन घर पहुंचते हैं। यह सब देखकर बच्चे सहम जाते हैं। बैंक कर्मचारियों के रोजाना आने के कारण उन्हें दूसरे के घर में छिपकर रहना पड़ता है।