अयोध्या में राम की पैड़ी के निकट स्थित प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर अयोध्या के प्रमुख शिवालयों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसकी स्थापना भगवान श्रीराम के पुत्र कुश ने कराई थी। पौराणिक कथा के अनुसार, सरयू में स्नान के दौरान कुश का कड़ा नदी में गिर गया, जिसे नागराज कुमुद ने अपनी पुत्री को दे दिया। कड़ा वापस न मिलने पर कुश ने नागवंश के विनाश का संकल्प लिया। तब भगवान शिव प्रकट होकर दोनों के बीच विवाद समाप्त कराया। बाद में नागराज कुमुद की पुत्री का विवाह कुश से हुआ। कुश के आग्रह पर भगवान शिव उसी स्थान पर विराजमान हुए, जहां बाद में नागेश्वरनाथ मंदिर का निर्माण कराया गया। आज यह मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है।