अयोध्या: संकोच और झिझक छोड़कर अपनी समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाएं। पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। यह बात मंगलवार को एसजीएम पब्लिक स्कूल तारुन में अमर उजाला की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में सहायक पुलिस अधीक्षक दिनेश गोदारा (आईपीएस) ने छात्राओं से कही। उन्होंने महिला सुरक्षा, अधिकारों और साइबर अपराध से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए छात्राओं को जागरूक और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। एएसपी ने कहा कि जिस दिन आप अपने भीतर का संकोच और झिझक दूर कर लेंगी, उस दिन समस्याओं का सामना करना आसान हो जाएगा। किसी भी तरह के उत्पीड़न या परेशानी की स्थिति में चुप रहने के बजाय पुलिस की मदद लें। उन्होंने छात्राओं के सवालों के जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। साइबर अपराध से बचाव के बताए तरीके छात्राओं को सोशल मीडिया पर मोबाइल नंबर, ईमेल और पारिवारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं करने, निजी फोटो व वीडियो साझा करने में सतर्कता बरतने तथा ऑनलाइन लेनदेन के दौरान ओटीपी, पिन और पासवर्ड गोपनीय रखने की सलाह दी गई। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। महिला संबंधी शिकायतों के लिए 1090 और आपात स्थिति में 112 नंबर पर पुलिस की सहायता लेने को कहा गया। छात्राओं ने पूछे सवाल, एएसपी ने दिए जवाब अंशिका चतुर्वेदी ने महिला उत्पीड़न रोकने के उपाय पूछे। इस पर एएसपी ने साहस के साथ पुलिस की मदद लेने और 112 नंबर पर सूचना देने की सलाह दी। वैष्णवी मिश्रा ने सोशल मीडिया पर किसी लड़की की गलत फोटो अपलोड किए जाने की स्थिति में कार्रवाई के बारे में पूछा। एएसपी ने पुलिस से शिकायत करने और महिला हेल्पलाइन की मदद लेने की बात कही। अंशिका सोनी ने ग्रामीण परिवेश में लड़कियों की शिक्षा में आने वाली बाधाओं का मुद्दा उठाया। जवाब में एएसपी ने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। जूही कनौजिया के समाज को बेहतर बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि एक शिक्षित बेटी पूरे परिवार को शिक्षित और जागरूक बना सकती है। वहीं, भूमिका सिंह के वीआईपी आगमन पर यातायात रोकने संबंधी सवाल पर उन्होंने बताया कि ऐसी स्थितियों में यातायात के लिए पहले से वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है।