अयोध्या के रुदौली में समाजवादी पार्टी की सोमवार को मवई से प्रस्तावित सात दिवसीय पीडीए जनसंवाद पदयात्रा को प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर पदयात्रा का शुभारंभ होना था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण कार्यक्रम नहीं हो सका। इसके बावजूद सपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं पदयात्रा के संयोजक एहसान मोहम्मद अली उर्फ चौधरी शहरयार मवई पहुंचे और कार्यकर्ताओं को प्रशासन के निर्णय से अवगत कराया। चौधरी शहरयार ने अमर उजाला टीम को बताया कि प्रशासन ने पीडीए पदयात्रा निकालने और महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाने की अनुमति नहीं दी है। ऐसे में पार्टी की ओर से न तो महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई जाएगी और न ही पदयात्रा निकाली जाएगी। प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल पर पुलिसकर्मी मौजूद रहे। समाजवादी पार्टी की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पदयात्रा 26 अक्तूबर से शुरू होकर एक नवंबर तक चलनी थी। मवई गांव से शुरू होने वाली यात्रा का समापन मियांपुरवा में प्रस्तावित था। इसके तहत रुदौली विधानसभा क्षेत्र के मवई ब्लॉक और बाराबंकी जिले के बनीकोडर ब्लॉक के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में आने वाले आंशिक हिस्से में गांव-गांव जन चौपाल लगाने की योजना थी। पदयात्रा के माध्यम से सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) संदेश को लोगों तक पहुंचाने के साथ ग्रामीणों से सीधा संवाद किया जाना था। जन चौपाल में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और राशन जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सुनने की तैयारी थी। साथ ही वंचित और उपेक्षित वर्गों के अधिकार, सम्मान और भागीदारी से जुड़े मुद्दे उठाए जाने थे। हालांकि, प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण पदयात्रा और जयंती कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सके। प्रस्तावित स्थल पर पुलिस की मौजूदगी के बीच सपा नेता ने कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम नहीं होने की जानकारी दी।