बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। धूप निकलने पर किसान खेतों में पानी में डूबी धान की फसल को बचाने में लगे हैं। कई स्थानों पर किसान कटी फसल को खाट, मेड़, सड़क व सुरक्षित जगह पर सुखाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कुछ किसान गीली फसल की ही मड़ाई करने को विवश हैं। खेतों में बोई गई आलू, दलहन व तिलहन की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। कई किसानों ने बताया कि मजदूर लगाकर धान की कटाई करा ली गई थी, पर बारिश से खेत में पड़ी फसल भीग गई। जमीन पर बालियां पड़ी रहने से उनमें सड़न शुरू हो गई है। सुबह धूप निकलते ही किसान मेहनतकश हाथों से धान को मेड़ पर रखकर सुखाने का प्रयास कर रहे हैं। फसल के दाने काले पड़ने की आशंका से उपज प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है। फसल हानि पर प्रशासन से उम्मीदें जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि मोंथा चक्रवात के असर से हुई बारिश से धान की फसल को भारी क्षति पहुंची है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कराने वाले किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज करें। व्यक्तिगत क्षतिपूर्ति हेतु 72 घंटे के भीतर सूचना देना आवश्यक है। शिकायत दर्ज करते समय किसान क्रेडिट कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर व आधार संख्या अवश्य दें।