यूपी के अमेठी में पैरालिसिस (लकवा) का खतरा ठंड के चलते बढ़ गया है। इसका प्रमुख कारण बीपी, शुगर, दिल की बीमारियां और कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना है। जिला अस्पताल में बीपी व शुगर से पीड़ित 50 फीसदी व लकवा के लक्षण वाले पांच से 10 मरीज पहुंच रहे हैं। इस बीमारी की वजह गलत खानपान और अनियमित जीवनशैली चिकित्सक बता रहे हैं। ठंड बढ़ने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। इससे मांसपेशियों में खिचाव के साथ नसें सिकुड़ती हैं, इससे ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है। इसमें थोड़ी सी लापरवाही से बीपी और शुगर के मरीजों की दिक्कत बढ़ रही है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अमित कुमार यादव ने बताया कि ओपीडी में 50 फीसदी मरीज बीपी, शुगर के मरीज आ रहे हैं। इस समय सबसे अधिक पैरलासिस और ब्रेन स्टोक का खतरा रहता है। बताया कि हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के इलाज में बरती जाने वाली लापरवाही और नशे की लत स्ट्रोक की वजह बनती है। स्ट्रोक से बचाव के लिए व्यायाम, उचित खानपान का पालन करते हुए नशे से दूर रहने की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। पैरालाइसिस में दिमाग की ब्लड सप्लाई बंद हो जाती है। इसमें दिमाग की नसें या तो बंद हो जाती है या ब्रेन हेमरेज होता है। स्ट्रोक मौत का कारण भी हो सकता है। बीपी व शुगर के मरीज नियमित दवाईयां लेने के साथ सुबह आंधे घंटे व्यायाम अवश्य अपनी दिनचर्या में शामिल करें। अधिक गुस्सा व ज्यादा चिंता करने वाले अपने व्यवहार में भी परिवर्तन लाएं।