अमेठी में यूजीसी नियमों की समीक्षा, एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग पर रोक और फर्जी मुकदमों की निष्पक्ष जांच समेत पांच मांगों को लेकर क्षत्रिय करणी सेना के पदाधिकारियों ने गौरीगंज के रामलीला मैदान में धरना शुरू कर दिया है। संगठन ने मांगों पर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है। संगठन अध्यक्ष नीरज सिंह के नेतृत्व में शुरू हुए धरने के माध्यम से जिलाधिकारी को संबोधित प्रार्थनापत्र में विभिन्न मुद्दे उठाए गए हैं। इसमें केंद्र सरकार और संबंधित सक्षम प्राधिकारियों से वर्तमान यूजीसी नियमों की समीक्षा कराने तथा जनहित में आवश्यक संशोधन या वापसी पर विचार करने की मांग की गई है। संगठन ने एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी करने और जिले में ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, जिनमें मुकदमे फर्जी होने की शिकायतें मिली हैं। प्रार्थनापत्र में कहा गया है कि जांच में आरोप निराधार पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके अलावा जिले के सभी थाना प्रभारियों को शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। संगठन का कहना है कि किसी निर्दोष विद्यार्थी या युवा को कानूनी प्रक्रिया के कारण शिक्षा और रोजगार के अवसरों से वंचित नहीं होना चाहिए। संगठन अध्यक्ष नीरज सिंह ने कहा कि उनकी मांगों का उद्देश्य निर्दोष लोगों को न्याय दिलाना और युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना है। प्रशासन को इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर संबंधित सक्षम अधिकारियों तक मांगें पहुंचानी चाहिए। मांगों पर उचित कार्रवाई होने तक धरना जारी रहेगा।