अमेठी में रसोई गैस की किल्लत से शहर के उपभोक्ताओं को लगातार परेशानी हो रही है। सिलिंडर पाने के लिए लोगों को रात भर एजेंसी के बाहर लाइन में बैठना पड़ रहा है। इसके बाद भी सुबह तक गैस मिलने की स्थिति साफ नहीं हो रही। शहर की एक गैस एजेंसी और उसके गोदाम के बाहर देर रात से ही लोग पहुंचने लगे। उपभोक्ता चारपाई, बिस्तर और चादर लेकर लाइन में बैठ गए। कई लोग परिवार के साथ पूरी रात वहीं रुके रहे। ठंड और असुविधा के बीच भी लोग अपनी जगह नहीं छोड़ते, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि दोबारा पीछे लगना पड़ेगा। एजेंसी से जुड़े 39,144 उपभोक्ताओं के बीच आपूर्ति कम पड़ रही है। 23 मार्च को 1,200 लोगों ने बुकिंग कराई, जबकि 352 सिलिंडर ही पहुंचे और 342 का वितरण हुआ। पिछले दिनों में स्टॉक 70 से 120 सिलिंडर के बीच रहा। इसी कारण कई उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है। सुबह गेट खुलने पर भीड़ बढ़ गई। लाइन लंबी होती गई और लोग अपने नंबर को लेकर परेशान दिखे। कई उपभोक्ता घंटों इंतजार करते रहे, इसके बाद भी कुछ लोगों को सिलिंडर नहीं मिला और उन्हें वापस लौटना पड़ा। इससे लोगों में नाराजगी भी दिखी। उपभोक्ता शमीम ने बताया कि रात 11 बजे से लाइन में बैठा था, पूरी रात वहीं गुजरी, लेकिन सुबह भी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई। सुनील कुमार ने कहा कि बच्चों के साथ बाहर बैठना पड़ा, फिर भी नंबर देर से आया। हरखूराम ने बताया कि सुबह तक लाइन लंबी हो गई और कई लोग बिना सिलिंडर लौट गए। मोहम्मद सलमान ने कहा कि रोज इसी तरह की स्थिति बनी रहती है। गैस की कमी का असर लोगों के रोजमर्रा के काम पर पड़ रहा है। दिन भर काम के बाद रात में लाइन में बैठना पड़ रहा है। कई लोग काम छोड़कर एजेंसी के बाहर इंतजार करने को मजबूर हैं। उपभोक्ताओं ने आपूर्ति बढ़ाने और वितरण व्यवस्था ठीक करने की मांग उठाई है, ताकि उन्हें इस तरह बार-बार परेशानी न हो। डीएसओ शशिकांत ने बताया कि मामला संज्ञान में है। डीएम संजय चौहान के निर्देश पर एसडीएम और सीओ को जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। कहा कि सिलिंडर की कोई कर्मी नहीं मिली है। अनावश्यक लोग परेशान न हो। मांग के अनुसार सिलिंडर मिलेगा।