अंबेडकरनगर में शुक्रवार को ग्रीन चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जलालपुर विकासखंड और भियांव ब्लॉक के अंतर्गत सभी पंचायत भवनों पर आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता दिखाई। शासन की मंशा के अनुरूप कार्यक्रम में ईंधन की खपत कम करने तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने पर जोर दिया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि पेड़-पौधे ही पर्यावरण को हरा-भरा और सुरक्षित बनाए रखने का सबसे बड़ा माध्यम हैं। कार्यक्रम सुबह 9 बजे से शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने गांवों की बदलती सामाजिक व्यवस्था और पर्यावरणीय समस्याओं पर भी खुलकर चर्चा की। ग्रामीणों ने कहा कि पहले हर गांव में बड़े-बड़े बगीचे हुआ करते थे, जहां लोग दोपहर के समय एकत्र होकर खेती-किसानी के साथ सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करते थे। लेकिन समय के बदलाव और मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग के कारण अब लोगों के बीच आपसी संवाद कम होता जा रहा है। जल स्रोतों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि गांवों में पुराने कुएं अब उपेक्षा का शिकार हो चुके हैं और उनकी स्थिति भगवान भरोसे है। ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम पांच पेड़ लगाने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने गांवों को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाने का संकल्प लिया।