अंबेडकरनगर में जलालपुर तहसील क्षेत्र में बुधवार शाम आई तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचा दी। दर्जनों स्थानों पर पेड़ और खंभे उखड़ गए जिससे बिजली आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित है। कन्नूपुर गांव में कई पोल्ट्री और बकरी पालन फार्म क्षतिग्रस्त हो गए। इससे पशुपालकों और किसानों को लगभग 50 लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। कन्नूपुर निवासी दीपक सिंह, सुधाकर सिंह, छोटू सिंह, उदय प्रताप सिंह और राजबहादुर सिंह के फार्म तेज आंधी की चपेट में आ गए। दीपक सिंह ने बताया कि दो दिन पहले ही मुर्गियों की निकासी के बाद 600 नए चूजे डाले गए थे। आंधी में टीनशेड गिर जाने से सभी चूजों की मौत हो गई, जिससे करीब चार लाख रुपये का नुकसान हुआ। सुधाकर सिंह ने बताया कि उनके फार्म में 1300 चूजे मौजूद थे। टीनशेड ढहने और अन्य नुकसान को मिलाकर लगभग 10 लाख रुपये की क्षति हुई है। वहीं छोटू सिंह का फार्म उस समय खाली था, लेकिन पूरी संरचना धराशायी हो गई, जिससे करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ। बकरी पालन करने वाले उदय प्रताप सिंह ने बताया कि उनका फार्म हाउस पूरी तरह नष्ट हो गया। सौभाग्य से उस समय जानवर वहां मौजूद नहीं थे, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने करीब 10 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया है। इसी तरह राजबहादुर सिंह का मुर्गी फार्म भी आंधी में गिर गया, जिससे उन्हें भी लगभग 10 लाख रुपये की क्षति हुई। पीड़ित पशुपालकों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है। उधर उपजिलाधिकारी राहुल गुप्ता ने बताया कि संबंधित लेखपाल को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद शासन को भेजकर नियमानुसार सहायता दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।