अधिवक्ताओं को निलंबित किए गए 10 डॉक्टरों के नाम बताए जाने के बाद धरना खत्म करने का फैसला लिया गया। आरोपी डॉक्टर की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी का अल्टीमेटम भी दिया गया। धरना खत्म करने के मुद्दे पर अधिवक्ता दो गुटों में बंट गए। एक गुट आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी होने तक प्रदर्शन जारी रखने पर अड़ा, जबकि दूसरा गुट धरना खत्म करने के पक्ष में है।