आगरा जिलाधिकारी मनीष बंसल कलेक्ट्रेट स्थित अपने कक्ष में जनसुनवाई के दौरान फरियादियों की समस्याएं सुन रहे थे। उनकी टेबल के एक ओर एडीएम सिटी और अन्य मजिस्ट्रेट बैठे थे तो दूसरी तरफ एसडीएम। कक्ष में अपनी बारी का इंतजार करते फरियादियों के बीच अचानक एक आवाज गूंजती है- साहब.. मैं क्यों लड़ूं मुकदमा...मैं क्यों जाऊं कोर्ट...आप अधिकारी किस लिए बैठे हैं। यह आवाज विनीता मित्तल (70) की थी। वह अपने बेटे अनुराग के साथ डीएम के सामने खड़ी थीं। डीएम ने उन्हें कुर्सी पर बैठाया तो वह फफक पड़ीं। उन्होंने कहा कि जीवनभर की गाढ़ी कमाई से खरीदे गए फ्लैट को किराएदार से खाली कराने के लिए वह दर-दर भटक रही हैं। पुलिस भी राजनीतिक दबाव में किराएदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि वह जीवन रक्षा पदक से सम्मानित हैं। बेलनगंज के कचौड़ा बाजार स्थित बजरंग अपार्टमेंट में उनका फ्लैट नंबर-6 है। 2023 में उन्होंने अपना यह टू बीएचके फ्लैट खुद को युवा भाजपा नेता बताने वाले तरुण गुप्ता को किराए पर दिया था। एग्रीमेंट खत्म होने के बाद वह फ्लैट खाली नहीं कर रहा है। मेरा बेटा बाहर नौकरी करता है। हम बुजुर्ग हैं। पति बीमार रहते हैं। पुलिस हमें कोर्ट जाने की सलाह दे रही है और थाने के चक्कर लगवा रही है। मैं यहां मर जाऊंगी लेकिन फ्लैट खाली कराने के लिए इस उम्र में कोर्ट नहीं जाऊंगी।