झांसी के गौरवशाली इतिहास में 19 मई 1842 की तारीख स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। इसी दिन काशी की बेटी मणिकर्णिका उर्फ मनु का विवाह झांसी के राजा गंगाधार राव के साथ हुआ था। महाराष्ट्रीय परंपरा अनुसार शादी के बाद मनु को नया नाम लक्ष्मीबाई दिया गया था। कालांतर में यही नाम पूरी दुनिया में नारी अस्मिता का प्रतीक बनकर उभरा। इस बार 19 मई को रानी की शादी की 183वीं सालगिरह मनाने की तैयारी तेजी से जारी है। आयोजन को भव्य रूप देने के लिए शुक्रवार को अमर उजाला की ओर से प्राचीन गणेश मंदिर में संवाद का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। तय हुआ कि शादी की सालगिरह पर शहर में भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद गणेश मंदिर में शादी की प्रतीकात्मक रस्में होंगी।