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Shimla: राजधानी शिमला में गरिमामय ढंग से मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस

राजधानी के ऐतिहासिक रिज मैदान पर 77वां गणतंत्र दिवस समारोह पूरे उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव के साथ मनाया गया। मुख्य समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। प्रातः 10:50 बजे राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल राजभवन से रवाना हुए। 10:55 बजे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का रिज मैदान पर आगमन हुआ, जबकि 11:00 बजे राज्यपाल के पहुंचते ही मुख्य समारोह प्रारंभ हुआ। 11:02 बजे ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के बाद 11:05 बजे परेड का निरीक्षण किया गया। परेड का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेहर पंवर ने किया, जबकि परेड कमांडर लेफ्टिनेंट शाश्वत तिवारी, 1 जे एंड के राइफल रहे। परेड में सेना की 1 जे एंड के राइफल, भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस, सशस्त्र सीमा बल, पंजाब पुलिस, हिमाचल प्रदेश पुलिस की विभिन्न आईआरबीएन वाहिनियां, महिला पुलिस, यातायात पुलिस, गृह रक्षक, डाक सेवा, पूर्व सैनिक, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एंड गाइड तथा हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन टुकड़ी ने अनुशासित मार्च पास्ट कर राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा बलों की सशक्त उपस्थिति का प्रदर्शन किया। इसके उपरांत विभिन्न विभागों की आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। कृषि, उद्यान, फोरेंसिक सेवाएं, वन, पर्यटन, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, विद्युत, स्वास्थ्य, नगर निगम शिमला, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, हिम ऊर्जा, ग्रामीण विकास, उद्योग, पशुपालन तथा भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग की झांकियों के माध्यम से प्रदेश की योजनाओं, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को प्रदर्शित किया गया।समारोह के दौरान साहसिक कार्य के लिए चौपाल क्षेत्र के गांव गागना निवासी रितिक चौहान को उत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को विशेष आकर्षण प्रदान किया। हरियाणा के सांस्कृतिक दल ने पारंपरिक घूमर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी, जबकि जम्मू-कश्मीर से आए कलाकारों ने डोगरा लोकनृत्य के माध्यम से क्षेत्रीय संस्कृति की झलक पेश की। जिला शिमला के कलाकारों ने चिट्टा के खिलाफ संदेश देता नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर नशे के दुष्प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से उजागर किया और युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा, यातायात, मीडिया और प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुचारू रहीं।

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