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शिमला: फिर गरमाने लगा भवनों के नियमितीकरण का मुद्दा, सीएम बोले-जल्द बुलाएंगे बैठक

राजधानी शिमला समेत प्रदेश भर में बने हजारों अवैध भवनों को वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी के जरिये नियमित करने का मामला फिर गरमा गया है। सरकार ने भी इस मुद्दे पर जल्द बैठक बुलाकर राहत देने के संकेत दे दिए हैं। इस मुद्दे पर पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरूद्ध सिंह और महापौर सुरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में शिमला शहर के सैकड़ों लोग शुक्रवार शाम 6:30 बजे प्रदेश सचिवालय पहुंचे। सभी सचिवालय के गेट पर जमा हो गए। करीब 7:00 बजे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू खुद सचिवालय के गेट पर लोगों से मिलने पहुंचे। मंत्री अनिरूद्ध सिंह और महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि भवनों को नियमित करने, बिजली-पानी के सस्ते कनेक्शन देने को लेकर वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी लाई जाए। शिमला शहर में ही दस हजार से ज्यादा भवन ऐसे हैं जो अवैध हैं। इनमें रहने वाले लोग सालों से इनके नियमितीकरण की मांग उठा रहे हैं। प्रदेश भर में ऐसे भवनमालिकों की संख्या हजारों में हैं। भवन नियमित न होने से लोगों को महंगी दरों पर बिजली और पानी के बिल चुकाने पड़ रहे हैं। कहा कि लोग वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी लाने के पक्ष में हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार लोगों को राहत दिलाने के लिए प्रयास कर रही है। सरकार ने पहले ही भवनों की एटिक की ऊंचाई बढ़ाकर इसे रिहायश के तौर पर इस्तेमाल को मंजूरी दी है। सड़कों से सटे भवनों की बेसमेंट का पार्किंग के लिए इस्तेमाल की भी छूट दी है। अब लोग जो मांग उठा रहे हैं, उसके कानूनी पहलुओं को भी देखा जाएगा। जल्द ही इस बारे में मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर चर्चा की जाएगी।

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