हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, "हिमाचल प्रदेश में मनरेगा के तहत जो रोजगार के अवसर पंचायतों द्वारा पैदा किए जाते थे, उन अवसरों को समाप्त कर दिया गया है। पहले पंचायत प्रधान योजना बनाता था, कच्ची सड़के बनाने के लिए मनरेगा का सदुपयोग करता था, गांव में युवाओं, महिलाओं के लिए रोजगार के साधन पैदा करता था। कोरोना काल में अगर देश में किसी योजना ने रोजगार के अवसर पैदा किए, वो मनरेगा थी। भाजपा की सरकार ने मनरेगा को समाप्त कर दिया है, उसका नाम तो बदला ही है लेकिन उसकी आत्मा को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। अब पंचायत प्रधानों के हाथ में वो शक्तियां नहीं रहेंगी..."