श्रीगंगानगर शहर सहित जिलेभर में बेसहारा पशुओं का खौफ बढ़ता जा रहा है। प्रतिदिन हादसे होने के बावजूद अधिकारी इन्हें रोकने का प्रयास करते दिखाई नहीं दे रहे हैं। ताजा मामला जिला मुख्यालय के निकटवर्ती सादुलशहर का है। जहां सांडों की चपेट में आए एक व्यक्ति ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, श्योकरण ओड (उम्र 50) अपने परिजनों के साथ 21 फरवरी को बाजार जा रहा था। वह जब बस स्टैंड के गेट के पास पहुंचा तभी दूसरी तरफ से दो सांड भागते हुए आए और श्योकरण ओड को टक्कर मार दी। गनीमत रही कि उनके परिजन बच गए, लेकिन श्योकरण ओड के गंभीर चोट लगी। उन्हें तब स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर्स ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल में उपचार चल रहा था, लेकिन जिंदगी और मौत के बीच चल रही इस जंग में श्योकरण ओड हार गया और उसने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि श्योकरण ओड एक साधारण परिवार से थे। वह इलाके में किराए के मकान में अपने परिजनों के साथ जीवन यापन कर रहे थे। इन सब के बाद भी उनके पुत्र ने सब जग भलाई की बात सोचते हुए इलाके के नंदी शाला खुलवाने की मांग की, ताकि कोई और व्यक्ति इस तरह बेसहारा पशुओं की चपेट में न आए।