एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स राजस्थान ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले की कुख्यात 007 गैंग के मुख्य सरगना, हार्डकोर अपराधी और 25 हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर राजूराम उर्फ राजू पिलवा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, फायरिंग, अवैध हथियार रखने और मादक पदार्थ तस्करी सहित कुल 48 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि एजीटीएफ के कांस्टेबल सुनील को मिली सटीक सूचना के आधार पर तत्काल कार्रवाई की गई। एसपी ज्ञानचंद यादव और एएसपी नरोत्तमलाल वर्मा के सुपरविजन में डीएसपी फूलचंद टेलर और एएसआई राकेश जाखड़ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
मंगलवार को सूचना मिली कि आरोपी जोधपुर के शताब्दी सर्किल चौराहे पर अपने साथियों का इंतजार कर रहा है। उसकी योजना धार्मिक यात्रा की आड़ में सांवरिया सेठ मंदिर जाने की थी, ताकि पुलिस की निगाहों से बचा जा सके। हालांकि एजीटीएफ की सतर्क निगरानी ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
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मुखबिर की सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर घेराबंदी कर बिना किसी मौका दिए आरोपी को दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया कि फरारी के दौरान भी राजू पिलवा 007 गैंग के जरिए संगठित अपराधों को सक्रिय रूप से संचालित कर रहा था।
राजू पिलवा को इनामी घोषित करने का आधार थाना लोहावट में दर्ज वह प्रकरण है, जिसमें परिवादी श्रवण कुमार पर डोडा तस्करी की मुखबिरी करने का झूठा आरोप लगाकर जानलेवा हमला किया गया था। आरोपियों ने फायरिंग कर परिवादी को गंभीर रूप से घायल किया और उसकी गाड़ी को आग के हवाले कर दिया था।
राजू पिलवा अवैध मादक पदार्थ और हथियार तस्करी में लिप्त एक कुख्यात गैंगस्टर है। वह देचू थाना पुलिस पर फायरिंग की घटना और चर्चित हनुमान साईं हत्याकांड का भी मुख्य आरोपी रहा है, जिसके बाद क्षेत्र में लंबे समय तक तनाव का माहौल बना रहा।
एजीटीएफ की इस कार्रवाई को 007 गैंग की कमर तोड़ने वाला बड़ा प्रहार माना जा रहा है। ऑपरेशन में डीएसपी फूलचंद टेलर, एएसआई राकेश जाखड़, कांस्टेबल मगनाराम और सुमेर सिंह की विशेष भूमिका रही। गिरफ्तार आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस थाना लोहावट को सुपुर्द कर दिया गया है।