जालंधर में बस स्टैंड के पास ड्राइविंग ट्रैक स्थित लाइसेंस दफ्तर में कर्मचारियों की हड़ताल के चलते लाइसेंस बनवाने पहुंचे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। काम बंद होने की जानकारी मिलने के बाद लोगों में रोष फैल गया और कुछ लोग कर्मचारियों के साथ बहस करते भी नजर आए। लाइसेंस बनवाने पहुंचे युवक रजत कपूर ने बताया कि वह छुट्टी लेकर दफ्तर आया था, लेकिन यहां पहुंचने पर कर्मचारियों ने काम करने से मना कर दिया। कई लोगों का कहना था कि वे करीब 70 किलोमीटर का सफर तय करके यहां पहुंचे हैं और उन्हें मौके पर आकर हड़ताल की जानकारी मिली। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि कर्मचारियों की हड़ताल है तो दफ्तर खुला क्यों रखा गया है। उनका कहना था कि दूर-दराज से आने वाले लोगों को पहले ही हड़ताल की सूचना दी जानी चाहिए थी। मौके पर काफी देर तक हंगामे और बहस का माहौल बना रहा। यूनियन चेयरमैन जोरावर सिंह ने बताया कि कर्मचारियों की ओर से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि मांगों में 18 प्रतिशत डीए जारी करना, पुरानी पेंशन योजना लागू करना, आंगनवाड़ी वर्करों और मिड-डे मील वर्करों को उनके अधिकार देना सहित अन्य मांगें शामिल हैं। चेयरमैन के अनुसार, प्रदेशभर में 100 से अधिक यूनियनें हड़ताल में शामिल हैं। उन्होंने दफ्तर में काम करवाने पहुंचे लोगों को हुई परेशानी पर खेद जताते हुए माफी मांगी। यूनियन के अनुसार, 21 अगस्त तक हड़ताल जारी रखने का फैसला है, जबकि 22 अगस्त को बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।