जालंधर में बदलियों को लेकर चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल अब दो फाड़ होती नजर आ रही है। एक ओर कुछ कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर मुलाजिम यूनियन ने इस हड़ताल का खुलकर विरोध करते हुए शहर में सफाई अभियान शुरू कर दिया। यूनियन नेताओं का कहना है कि यह हड़ताल कर्मचारियों के निजी हितों के लिए की जा रही है और इससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हड़ताल के चलते शहर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था बिगड़ने लगी थी, लेकिन सफाई कर्मचारी यूनियन पंजाब के चेयरमैन चंदन ग्रेवाल अपने साथियों के साथ मैदान में उतर आए और सफाई मुहिम शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि जायज मांगों के लिए धरना देना हर कर्मचारी का अधिकार है, लेकिन केवल बदलियों को मुद्दा बनाकर हड़ताल करना गलत है। चंदन ग्रेवाल ने साफ कहा कि कर्मचारियों की भलाई से जुड़े मुद्दों पर यूनियन हमेशा साथ खड़ी रहेगी, लेकिन गलत मांगों का समर्थन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक कुछ कर्मचारी हड़ताल पर हैं, तब तक उनकी टीम शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार काम करती रहेगी ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं निगम मजदूर यूनियन के प्रधान गौरव गिल ने भी हड़ताल का समर्थन करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कर्मचारियों से एनपीएस खाते खुलवाने की अपील करते हुए इसके फायदे बताए। इस दौरान एनपीएस खाताधारक बब्बर ने दावा किया कि खाता खुलवाने के एक साल के भीतर उसके खाते में करीब 7 लाख रुपए जमा हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना में सरकार और निगम दोनों योगदान देते हैं और राशि को निवेश कर बढ़ाया जाता है, जिससे कर्मचारियों को भविष्य में आर्थिक लाभ मिलता है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सफाई कर्मचारियों की यूनियन में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं, जबकि शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर राजनीति और कर्मचारी संगठनों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।