जालंधर में गुरुनानक पुरा रेलवे फाटक पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज के विरोध में मंगलवार को इलाके के दुकानदारों और स्थानीय निवासियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विरोध के समर्थन में पूरे बाजार को बंद रखा गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि यहां ओवरब्रिज बनाया गया तो सैकड़ों दुकानदारों का रोजगार प्रभावित होगा, इसलिए सरकार इस परियोजना को अंडरब्रिज (आरयूबी) में तब्दील करे। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य का उद्घाटन किया था। इससे पहले रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने गुरुनानक पुरा और गढ़ा क्षेत्र में प्रस्तावित ओवरब्रिज परियोजनाओं का उद्घाटन किया था। उस दौरान भी स्थानीय लोगों ने ओवरब्रिज के बजाय अंडरब्रिज बनाने की मांग उठाई थी। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि नंगल शामा रोड पर बने ओवरब्रिज के कारण 300 से अधिक दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हुआ और कई घरों के रास्ते भी बाधित हो गए। उनका दावा है कि अब गुरुनानक पुरा फाटक पर भी ओवरब्रिज बनने से बाजार पूरी तरह प्रभावित होगा और वर्षों से कारोबार कर रहे व्यापारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेता रविंद्र धीर द्वारा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर ओवरब्रिज की जगह अंडरब्रिज बनाने की मांग का भी उल्लेख किया गया। स्थानीय निवासी अनिता अरोड़ा ने कहा कि ओवरब्रिज बनने से व्यापार को नुकसान होगा और अक्सर ऐसे पुलों के नीचे असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने से स्नैचिंग जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। वहीं, एक बुजुर्ग प्रदर्शनकारी ने मांग की कि यदि सरकार ओवरब्रिज बनाने का निर्णय वापस नहीं लेती, तो निर्माण अवधि के दौरान कम से कम तीन वर्षों तक दुकानदारों और स्थानीय निवासियों से प्रॉपर्टी टैक्स, पानी का बिल और अन्य स्थानीय कर न वसूले जाएं। उनका कहना था कि निर्माण कार्य के दौरान बच्चों की स्कूल-कॉलेज आवाजाही भी प्रभावित होगी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।