फरीदकोट जिले में सोमवार शाम हुई मूसलाधार बारिश से मौसम सुहावना हो गया। लंबे समय से उमस और भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली, वहीं धान की फसल की सिंचाई को लेकर चिंतित किसानों के चेहरे भी खिल उठे। बारिश को खेती के लिए काफी लाभदायक माना जा रहा है और किसानों का कहना है कि इससे धान की फसल को अच्छा फायदा मिलेगा तथा सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा। हालांकि, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश राहत लेकर आई, वहीं शहरी क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ती नजर आईं। नगर कौंसिल के सफाई कर्मचारियों की पिछले 26 दिनों से जारी हड़ताल के कारण शहर के विभिन्न इलाकों में जगह-जगह कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। बारिश का पानी इन कूड़े के ढेरों में भरने से दुर्गंध फैलने लगी है और गंदगी के कारण बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। मानसून सीजन शुरू होने के बाद फरीदकोट जिले में यह दूसरी मूसलाधार बारिश है। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। दूसरी ओर, शहरवासियों ने नगर कौंसिल से जल्द सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है ताकि बरसात के मौसम में गंदगी और जलभराव जैसी समस्याओं से लोगों को राहत मिल सके। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहने के कारण शहर की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है और लगातार हो रही बारिश ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है।