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पंजाब रोडवेज-पनबस/पीआरटीसी कर्मचारियों की मांगों पर मंत्री ने जताई सहमति, 1 नवंबर को लुधियाना में होगी अहम बैठक

पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब (25/11) की गुरुवार को सिविल सचिवालय, पंजाब में वित्त एवं परिवहन मंत्री तथा परिवहन, कार्मिक, वित्त और गृह विभाग के अधिकारियों के साथ अहम बैठक हुई। बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। यूनियन नेताओं के अनुसार, मंत्री ने कई मांगों पर सहमति जताई है, लेकिन यूनियन ने स्पष्ट किया कि जब तक मांगों को लागू करने के लिए लिखित आदेश और नोटिफिकेशन जारी नहीं होते, तब तक केवल मौखिक आश्वासन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। यूनियन के प्रदेश नेताओं रेशम सिंह गिल, हरकेश कुमार विक्की और शमशेर सिंह ढिल्लों ने कहा कि सरकार को मांगों पर जल्द ठोस फैसला लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि विभाग को मांगों को स्पष्ट करने और लागू करने के लिए 30 और 31 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। यदि तय समय में मांगों को लेकर आवश्यक आदेश जारी नहीं होते, तो 1 नवंबर को लुधियाना के ईसड़ू भवन में होने वाली बैठक के बाद अगले संघर्ष की घोषणा की जाएगी। आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर लेने की मांग रेशम सिंह गिल ने बताया कि बैठक में आउटसोर्स कर्मचारियों को वर्ष 2026 के संबंधित एक्ट के तहत सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर रखने के मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई। यूनियन ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को केवल ऑफर लेटर देने के बजाय सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्ति के लिए ज्वाइनिंग लेटर जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि कार्मिक विभाग से मंजूरी लेने के लिए कैडर की पात्रता निर्धारित करने की प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाए और सभी पात्र कर्मचारियों को ज्वाइनिंग लेटर दिए जाएं। मंत्री ने कथित तौर पर उन 80 से 85 प्रतिशत कर्मचारियों को पहले कॉन्ट्रैक्ट पर लेने की बात कही, जो निर्धारित शर्तें पूरी करते हैं। इसके अलावा, पांच वर्ष से अधिक समय से काम कर रहे कर्मचारियों की पूर्व सेवा अवधि को जोड़कर उन्हें कॉन्ट्रैक्ट पर रखने का मुद्दा भी उठाया गया। जिन कर्मचारियों की सेवा अवधि कम है या जो फिलहाल एक्ट के दायरे में नहीं आते, उनके संबंध में यूनियन ने लिखित आश्वासन मांगा कि पांच वर्ष पूरे होते ही उन्हें कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त किया जाएगा। यूनियन के मुताबिक, मंत्री ने इस मांग पर भी सहमति जताई, लेकिन लिखित आदेश मिलने तक इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता। 31 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक में सर्विस रूल पास होने की उम्मीद यूनियन ने पनबस के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को सर्विस रूल के तहत नियमित करने की मांग भी उठाई। नेताओं के अनुसार, इस संबंध में सर्विस रूल तैयार हो चुके हैं और वित्त तथा कार्मिक विभाग से मंजूरी भी मिल चुकी है। मंत्री ने 31 अक्टूबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में इन्हें पास करवाकर लागू करने की बात कही। यूनियन का कहना है कि सर्विस रूल लागू होने के बाद कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान सभी पात्र लाभ दिए जाने चाहिए। कर्मचारियों पर दर्ज केस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू संघर्ष के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज मामलों को रद्द करने का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। यूनियन नेताओं के अनुसार, परिवहन मंत्री ने संबंधित पत्र पर कार्रवाई करते हुए उसे गृह विभाग को भेज दिया है और इस मामले में अधिकारी की जिम्मेदारी भी तय की गई है। यूनियन को उम्मीद है कि कर्मचारियों पर दर्ज मामले जल्द रद्द होंगे। बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली और वेतन वृद्धि पर भी चर्चा शमशेर सिंह ढिल्लों ने बताया कि पनबस और पीआरटीसी से अपील खारिज होने, ब्लैकलिस्ट किए जाने या गैरहाजिरी के आधार पर निकाले गए कर्मचारियों की बहाली का मुद्दा उठाया गया। यूनियन के अनुसार, मंत्री ने 30 जून 2023 को जारी सरकारी हिदायतों के आधार पर ऐसे कर्मचारियों को बहाल करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। नए कर्मचारियों की वेतन वृद्धि के मामले में मंत्री ने अंतिम प्रस्ताव मंगवाया था, लेकिन स्टेट ट्रांसपोर्ट पंजाब के निदेशक ने इसे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में पास करवाने के लिए समय मांगा है। इसके अलावा, 'समान काम, समान वेतन' लागू करने में आ रही कमियों को दूर करने पर भी चर्चा हुई। ड्राइवरों और वर्कशॉप स्टाफ के लिए 25,500 रुपये के वेतनमान, पीआरटीसी से आवश्यक पत्र लेने तथा कार्मिक और वित्त विभाग से दिशा-निर्देश प्राप्त करने का मुद्दा उठाया गया। यूनियन ने पात्र कर्मचारियों को बकाया राशि सहित लाभ देने की मांग की। बैठक में नई बसें खरीदने, टायर, बैटरियां और स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध करवाने सहित अन्य मांगों पर भी विचार-विमर्श किया गया। 1 नवंबर को लुधियाना में होगा संघर्ष की अगली रणनीति पर फैसला यूनियन ने बैठक में हुई चर्चा और मांगों पर बनी सहमति को ध्यान में रखते हुए सरकार को 30 और 31 अक्टूबर तक का समय देने का फैसला किया है। इसके बाद 1 नवंबर 2026, रविवार को सुबह 10 बजे लुधियाना के ईसड़ू भवन में यूनियन की अहम बैठक होगी। यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि इस अवधि में मांगों को लागू करने संबंधी नोटिफिकेशन और लिखित आदेश जारी नहीं किए गए, तो बैठक के बाद अगले संघर्ष की घोषणा की जाएगी।

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