जिले में एक गरिमापूर्ण एवं शोकपूर्ण सभा का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय रेलवे के पूर्व स्टेशन मास्टर और शौर्य चक्र विजेता स्वर्गीय राम प्रकाश भट्टी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर जिला प्रशासन और पुलिस बल की ओर से उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' की सलामी दी गई, जो उनके देश के प्रति निस्वार्थ सेवा और साहस का प्रतीक है। .............. बता दें कि 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान मास्टर राम प्रकाश ने एक बड़ी तबाही को टाला था। कोटकपूरा में तैनाती के दौरान जब गोला-बारूद से भरी ट्रेन पर हमला हुआ, तो राम प्रकाश भट्टी ने अपनी जान की परवाह न करते हुए जलती हुई ट्रेन में बारूद वाले डिब्बों को पूरी ट्रेन से अलग किया। उनके इस त्वरित फैसले ने न केवल करोड़ों की सैन्य संपति को बचाया, बल्कि एक बड़े विस्फोट को रोककर कई जिंदगियां भी बचाई। रक्षा मंत्रालय द्वारा उनकी इस बहादुरी के लिए उन्हें प्रतिष्ठित शौर्य चक्र से अलंकृत किया गया था। प्रशासन की ओर से दी गई की सलामी और उपस्थित जनसमूह की नम आंखों ने इस वीर योद्धा को अंतिम विदाई दी।