राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में व्यापक स्तर पर संगठनात्मक संरचना में बदलाव किया जाएगा। प्रांत की बजाय अब संभाग होंगे। इसके साथ प्रांत प्रचारक का पद भी खत्म किया जाएगा। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में इस प्रस्ताव को ध्वनिमत से पास कर दिया है। अब अगले छह महीने इस पर विस्तार से काम किया जाएगा। संघ 2027 की प्रतिनिधि सभा की बैठक नई संगठनात्मक संरचना के आधार बुलाई जाएगी। पानीपत के पट्टीकल्याणा स्थित माधव सृष्टि केंद्र पर आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक संपन्न हो गई। बैठक के अंतिम दिन सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का वक्तव्य रहा। उन्होंने प्रतिनिधियों को शताब्दी वर्ष और अगले वर्ष के कार्य धरातल पर करने के सुझाव दिए। इसके साथ आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने मीडिया से रूबरू होकर तीन दिवसीय बैठक के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आरएसएस में तीन साल के लिए संगठनात्मक नियुक्ति और निर्वाचन होता है। इनमें कुछ लोग निर्वाचित होते हैं और कुछ नियुक्तियां होती हैं। संघ में अभी कोई बदलाव नहीं किए जा रहे हैं। बैठक में शताब्दी वर्ष के कार्यों के साथ पिछले साल के कार्यों की समीक्षा की। शताब्दी वर्ष अक्तूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण कार्य देखने को मिले हैं। संघ कार्यकर्ता दुर्गम क्षेत्रों पर भी पहुंचे हैं। स्वयंसेवक देश को एक राष्ट्र की नजर से देखते हैं।