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बिक्रम मजीठिया केस: विजिलेंस का 40 हजार पन्नों का पूरक चालान, 736.96 करोड़ के लेन-देन की जांच

Thu, 29 Oct 2026 02:16 PM IST
Chandra Prakash Neeraj Video Desk Amar Ujala Dot Com

शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने बुधवार को मोहाली की अदालत में करीब 40 हजार पन्नों का पूरक चालान दाखिल किया। जांच एजेंसी ने 736.96 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का ब्योरा पेश किया है। मामले में कुल 13 आरोपियों को नामजद किया गया है जिनमें व्यक्ति और कंपनियां शामिल हैं। नए चालान के बाद पहले दाखिल चालान और अन्य दस्तावेजों सहित केस का कुल रिकॉर्ड करीब 52 से 53 हजार पन्नों तक पहुंच गया है। आम आदमी पार्टी के नेता इस रकम को नशे से अर्जित धन बता रहे हैं, जबकि मजीठिया ने आरोपों को खारिज करते हुए सरकार पर डीए मामले को ड्रग केस के रूप में पेश कर गुमराह करने का आरोप लगाया है। विजिलेंस की जांच 2 मार्च 2007 से 31 मार्च 2017 के बीच मजीठिया से संबंधित संपत्तियों, आय के स्रोतों और विभिन्न कंपनियों के जरिये हुए वित्तीय लेन-देन पर केंद्रित है। एजेंसी का आरोप है कि इस अवधि में ज्ञात आय के मुकाबले अधिक संपत्ति अर्जित की गई। पहले दाखिल चालान में करीब 700 करोड़ रुपये की संपत्ति और वित्तीय लेन-देन का उल्लेख था। अब जांच में संदिग्ध लेन-देन का आंकड़ा 736.96 करोड़ रुपये बताया गया है। विजिलेंस की जांच में 161 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी जमा होने, विदेशी संस्थाओं के जरिये 141 करोड़ रुपये के लेन-देन और कंपनियों के खातों में 236 करोड़ रुपये की अस्पष्ट जमा राशि समेत विभिन्न वित्तीय गतिविधियों की जांच की गई है। एजेंसी ने मजीठिया से संबंधित कंपनियों के बैंक खातों, संपत्तियों, शराब कारोबार से जुड़े वित्तीय संबंधों और विदेशी संस्थाओं के साथ लेन-देन को भी जांच के दायरे में रखा है।

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