अंबाला- चंडीगढ़ हाईवे पर लगा जाम आखिरकार साढ़े आठ घंटे के बाद किसानों व पुलिस के बीच टकराव के बाद खुल दिया। रात 8:30 बजे हुए टकराव में पुलिस ने आंसू गैस से गोले दागने के साथ-साथ लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। उधर, अंबाला एसपी अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि लगाए गए जाम को खुलवाने पहुंची पुलिस टीम पर उपद्रवियों ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। भीड़ में शामिल शरारती तत्वों ने धारदार हथियारों से हमला बोल दिया, जिसमें एक डीएसपी क्राइम विरेंद्र शर्मा हाथ का अंगूठा कटने कर लटकने के चलते गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, हमले में 6 से 7 अन्य पुलिसकर्मियों को भी गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डीजीपी अजय सिंघल ने भी कैंट के नागरिक अस्पतालों में दाखिल मुलाजिम व मिल्ट्री अस्पताल में दाखिल घायल डीएसपी का हाल जाना। एसपी अंबाला अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि हाईवे पर जाम की सूचना मिल के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। पुलिस ने उपद्रवियों और प्रदर्शनकारियों से कई दौर की बातचीत कर शांतिपूर्ण तरीके से जाम खुलवाने का आग्रह किया, लेकिन उपद्रवियों का इरादा मामला सुलझाने का नहीं था। हालांकि उनके द्वारा गुरसिमरन सिंह मंड व उनके बेटे भवजोत सिंह पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग मान ली गई थी। बावजूद वह अन्य मांगों को लेकर जानबूझकर बैठे रहे। जैसे ही अंधेरा होने लगा तो भीड़ में छिपे शरारती तत्वों ने भाले, फरसे, तलवारें और कुल्हाड़ियों जैसे घातक हथियारों से पुलिसकर्मियों पर अचानक हमला कर दिया।